
आदिवासी छात्रावास में छात्र की संदिग्ध मौत, परिजनों में आक्रोश — निष्पक्ष जांच की मांग
एनएसयूआई ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर जल्द से जल्द सच्चाई सामने लाने की बात रखी
खंडवा। छैगांवमाखन स्थित आदिवासी छात्रावास में एक छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगने से मौत का मामला सामने आया है। घटना की जानकारी मिलने के बाद मृतक छात्र के परिजन छात्रावास के बाहर बैठकर न्याय की मांग कर रहे हैं। घटना को लेकर परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
परिजनों द्वारा छात्रावास प्रबंधन एवं वहां पदस्थ कर्मचारियों की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। उनका कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच होना चाहिए, ताकि घटना की वास्तविकता सामने आ सके।
जिला कांग्रेस प्रवक्ता प्रेमांशु जैन ने बताया कि इसको लेकर छात्र संगठन एनएसयूआई ने मांग करी है कि—
1. छात्र की मौत की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
2. घटना के समय छात्रावास में मौजूद अधीक्षक/प्रभारी एवं कर्मचारियों की भूमिका की जांच की जाए।
3. छात्रावास में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग, उपस्थिति रजिस्टर एवं अन्य संबंधित रिकॉर्ड सुरक्षित किए जाएं।
4. मृतक छात्र के परिजनों के बयान दर्ज कर उनकी सभी शंकाओं का समाधान किया जाए।
5. जांच पूरी होने तक यदि किसी कर्मचारी की प्रथमदृष्टया लापरवाही सामने आती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
6. मृतक छात्र के परिवार को उचित आर्थिक सहायता एवं न्याय प्रदान किया जाए।
7. जिले के सभी आदिवासी छात्रावासों की सुरक्षा व्यवस्था एवं व्यवस्थाओं की प्रशासन द्वारा तत्काल समीक्षा की जाए।
एनएसयूआई जिला अध्यक्ष चंदन सिंह पवार ने कहा कि छात्रावास में रहने वाले प्रत्येक विद्यार्थी की सुरक्षा प्रशासन की जिम्मेदारी है। इस घटना की सच्चाई सामने आना बेहद जरूरी है। किसी भी निर्दोष व्यक्ति को परेशान किए बिना और किसी दोषी को बचाए बिना निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। यदि जांच में किसी की लापरवाही या भूमिका सामने आती है तो उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
एनएसयूआई मृतक छात्र के परिवार के साथ खड़ी है और प्रशासन से मांग करती है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर जल्द से जल्द सच्चाई सामने लाई जाए।










